पुष्करणा ब्राह्मण समाज की कुलदेवियां

पुष्करणा ब्राह्मणों में खांपों के अनुसार कुलदेवियों की पूजा की जाती है। सामान्य रूप से उष्ट्रवाहिनी माता (ऊँटा देवी) को सर्व पुष्करणा ब्राह्मण समाज की कुलदेवी माना जाता है। जिसका एक भव्य मन्दिर जोधपुर में चांदपोल दरवाजे के बाहर बोड़ों की बगीची में स्थापित है। पुष्करणा ब्राह्मणों के अलग-अलग गोत्रों व खांपों की भिन्न-भिन्न कुलदेवियाँ हैं जिनकी सूची निम्न प्रकार है

सं. गोत्र खांप कुलदेवी
1. लौनस बाहेती, मेडवाल, कुंपलिय वितरणी
    आंवलिया, पुच्छ तोडा, पालेच संकर्षणी
2. शांडिल्य बोधा, पुरोहित, हेड़ाऊ, मुचण्ड डेहरु
    कादा, किरता, नवल सुषुमण
3. भारद्वाज काकरेचा, टांकसाली माथुर जाजला
    कपटा-बोहरा, चूलड़, आचार्य चामुण्डा
4. गौतम केवलिया, त्रिवाड़ी-जोशी, माघू शिवदा
    गोदा, गोदाना, गौतमा सुभद्रा
5. उपमन्यु ठकुर, बद्दल, दोठा शाकम्भरी
    बट्टू, महात्मा, बुज्झड़ सिंहवाहिनी
6. कपिल छंगाणी, कोलाणी, झड विजया
.   गंठिया, गढरिया, ढाकी सांगी, मोला
7. चन्द्रहास दगड़ा, पेढा, रामा सनातनी
    प्रमणेचा मूथा, जीवणेचा, लापसिया सुषुमणा
8. पाराशर चावटिया, हर्ष, पणिया चामुण्डा
    ओझा, बाझा, झुंड महाकाली
9. काश्यप बोडा, लोढा, मुंमटिया महायोगिनी
    काई, कर्मणा कल्ला रक्तदन्ती फलवन्ति
10. हरितस रंगा, रामदेव, उपाध्याय, थानवी, मूता शंचिय
    अंचु, सेसधारा, ताक मूता शारदा
11. सनकस बिस्सा, बिगेई, बिडंग आशापुरा
.   टेंटर, रत्ता, बिल्ला कात्यायनी
12. वच्छस मत्तड़, मुचड़, पडिहार शिवप्रिया
    मच्छर, टोपसिया, सोमनाथा सुषुमणा
13. कौशिक कवड़िया, किरायत, व्यासडा रक्ताम्बरी
    वासु, किराडु, चूरा हरप्रिया
14. मुद्गल गोटा, सिंहा, गोदाणा रक्तदन्तिका
    खाखड़, खीस, खुहार जगन्नायिका