डॉ. राजेश कुमार व्यास

अतिरिक्त निदेशक जनसंपर्क विभाग, जयपुर


साहित्य अकादेमी के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित डाॅ. राजेश  कुमार व्यास देश के चर्चित संस्कृतिकर्मी कवि, कला समीक्षक और यात्रावृतान्तकार हैं। कला समीक्षा की उनकी पुस्तकें ‘रंगनाद’, ‘कलावाक्’ और ‘भारतीय कला’ देशभर  में अत्यधिक चर्चित रही हैं। डाॅ. व्यास के 4 कविता संग्रह, नेशनल  बुक ट्रस्ट, इंडिया  से प्रकाशित  यात्रा संस्मरण  ‘कश्मीर  से कन्याकुमारी’ एवं ‘नर्मदे हर’ और संगीत सर्जना की ‘सुर जो सजे’ सहित उनकी 21 पुस्तकें प्रकाशित  हैं। केन्द्रीय ललित कला अकादेमी की पत्रिका ‘समकालीन कला’ के एक अंक के वह अतिथि सम्पादक रहे हैं। इसके अलावा राजस्थान ललित कला अकादेमी की पत्रिका ‘आकृति’ के ‘लोक-आलोक’ और ‘कलाओं के अन्तःसम्बन्धों पर एकाग्र’ विषेष अंकों का भी उन्होंने संपादन किया है। राजस्थान पत्रिका समूह के ‘डेली न्यूज’ में 7 वर्ष तक उन्होंने संगीत, नृत्य, चित्रकलाओं पर केन्द्रित ‘कला तट’ काॅलम का लेखन किया। इससे पहले दैनिक नवज्योति में कलाओं पर 5 वर्षों तक नियमित ‘कलादीर्घा’ काॅलम भी उन्होंने लिखा। इस समय वह राजस्थान पत्रिका समूह के ‘न्यूज टुटे’ में साप्ताहिक यात्रावृतान्त स्तम्भ ‘सफरनामा’ का लेखन कर रहे हैं।
दूरदर्शन ने उनके शोध एवं आलेख पर आधारित यात्रा वृतान्त धारावाहिक ‘डेजर्ट काॅलिंग’ बनाकर डीडी भारती, दूरदर्शन नेशनल चैनल से उसे प्रसारित किया है। भारतीय संस्कृति से संबद्ध कोई एक दर्जन से अधिक वृत्तचित्रों का लेखन भी उन्होंने किया है। खजूराहो नृत्य समारोह, भारत भवन, जे. कृष्णमूर्ति फाउण्डेसन, केन्द्रीय ललित कला अकादेमी, साहित्य अकादेमी आदि के साथ ही देश-विदेश  में उनके व्याख्यान भी निरंतर होते रहे है। डाॅ. व्यास को राजस्थानी भाषा साहित्य एवं संस्कृति अकादेमी द्वारा पद्य का सर्वोच्च ‘उस्ताद गणेशीलाल व्यास पद्य पुरस्कार’, भारत सरकार का प्रतिष्ठित ‘राहुल सांकृत्यायन अवार्ड’, पत्रकारिता में विशिष्ट  योगदान के लिए  ‘माणक’ अलंकरण,  राजस्थानी युवा संस्था, धु्रवपद धाम तथा विभिन्न अन्य संस्थानों द्वारा निरंतर सम्मानित किया जाता रहा है।

संपर्क - डाॅ. राजेश कुमार व्यास
शंकर विहार-ई, 28-ए, जयपुर - 302017 (राजस्थान)
मोबाईल. 09461500204