जनता कर्फ्यू कोरोना वायरस के खिलाफ भारत सरकार की अपील
जनता कर्फ्यू 22 मार्च के दिन शाम 5 बजे हम अपने घरो के बाहर 5 मिनट खड़े होकर अपने देश के डॉक्टरो, कोरोना वायरस के खिलाफ कार्य करने वाले सभी लोगो का धन्यवाद करे. जो की ऐसा करना इस वायरस के खिलाफ कार्य कर रहे लोगो के उत्साह वर्धक का कार्य करेगा.
कोरोना वायरस के खिलाफ देश की जनता की भागीदारी के बिना इसके रोकथाम सम्भव नही है लेकिन अगर सभी भारतीय एकता और संयम से काम ले तो निश्चित ही इस कोरोना वायरस के संक्रमण के खिलाफ खड़े हो सकते है. तो इस जनता कर्फ्यू को सफल बनाने के लिए इन बातो को अभी से अमल में जरुर लाये.
1 :- सबसे पहले सभी लोगो को कोरोना वायरस के खिलाफ लोगो को जनता कर्फ्यू 22 मार्च से अवगत कराये.
2 :- सभी लोग एकता और संयम से काम ले और भीड़ में जाने से बचे और लोगो को भी ज्यादा जरुरी हो तो ही पब्लिक में जाने की कोशिश करे.
3 :- अनावश्यक रूप से खाने पिने का सामान जरूरत से ज्यादा इक्कट्ठा न करे जिससे लोगो में अफरातफरी का माहौल ना बने.
4 :- जनता कर्फ्यू 22 मार्च रविवार के दिन सभी लोग सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक अपने घर में ही रहे और इसके लिए लोगो को भी सूचित करे.
5 :- जो लोग सेवा क्षेत्र जैसे चिकित्सा, परिवहन या अन्य सेवा में है वे लोग नियमित रूप से अपना कार्य इस दिन भी सुचारू रूप से करे.
6 :- जनता कर्फ्यू 22 मार्च के दिन शाम 5 बजे हम अपने घरो के बाहर 5 मिनट खड़े होकर अपने देश के डॉक्टरो, कोरोना वायरस के खिलाफ कार्य करने वाले सभी लोगो का धन्यवाद करे.
जनता कर्फ्फु 22 मार्च कोरोना वायरस के खिलाफ पीएम मोदी के नौ-आग्रह
- प्रत्येक भारतवासी सजग रहे, सतर्क रहे, आने वाले कुछ सप्ताह तक, जब बहुत जरूरी न हो अपने घर से बाहर न निकलें।
- 60 से 65 वर्ष की आयु के ऊपर के व्यक्ति घर के भीतर ही रहें।
- इस रविवार, यानि 22 मार्च को, सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक, जनता-कर्फ्यू का पालन करें।
- दूसरों की सेवा कर रहे लोगों का 22 मार्च की शाम को 5 बजे 5 मिनट तक करतल ध्वनि के साथ आभार व्यक्त करें।
- रूटीन चेक-अप के लिए अस्पताल जाने से बचें, जो सर्जरी बहुत आवश्यक न हो, उसकी तारीख आगे बढ़वाएं।
- वित्त मंत्री के नेतृत्व में गठित Covid-19 Economic Response Task Force से आवश्यक फैसले लेने का आग्रह।
- व्यापारी जगत से, उच्च आय वर्ग से, दूसरों का वेतन न काटने का आग्रह।
- देशवासियों से सामान संग्रह न करने, Panic Buying न करने का आग्रह।
- आशंकाओं और अफवाहों से बचने का आग्रह।
जनता कर्फ्फु 22 मार्च कोरोना वायरस के खिलाफ प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी का राष्ट्र के नाम सम्बोधन
मेरे प्रिय देशवासियों,
पूरा विश्व इस समय संकट के बहुत बड़े गंभीर दौर से गुजर रहा है, आम तौर पर कभी जब कोई प्राकृतिक संकट आता है तो वो कुछ देशों या राज्यों तक ही सीमित रहता है। लेकिन इस बार ये संकट ऐसा है, जिसने विश्व भर में पूरी मानवजाति को संकट में डाल दिया है, इन दो महीनों में भारत के 130 करोड़ नागरिकों ने कोरोना वैश्विक महामारी का डटकर मुकाबला किया है, आवश्यक सावधानियां बरती हैं। लेकिन बीते कुछ दिनों से ऐसा भी लग रहा है जैसे हम संकट से बचे हुए हैं, सब कुछ ठीक है, वैश्विक महामारी कोरोना से निश्चिंत हो जाने की ये सोच सही नहीं है। इसलिए प्रत्येक भारतवासी का सजग रहना, सतर्क रहना बहुत आवश्यक है,
साथियों, आपसे मैंने जब भी जो भी मांगा है, मुझे कभी देशवासियों ने निराश नहीं किया है। ये आपके आशीर्वाद की ताकत है कि हमारे प्रयास सफल होते हैं, मैं आप सभी देशवासियों से, आपसे कुछ मांगने आया हूं। मुझे आपके आने वाले कुछ सप्ताह चाहिए, आपका आने वाला कुछ समय चाहिए..
अभी तक विज्ञान कोरोना महामारी से बचने के लिए, कोई निश्चित उपाय नहीं सुझा सका है और न ही इसकी कोई वैक्सीन बन पाई है। ऐसी स्थिति में चिंता बढ़नी बहुत स्वाभाविक है, इन देशों में शुरुआती कुछ दिनों के बाद अचानक बीमारी का जैसे विस्फोट हुआ है। इन देशों में कोरोना से संक्रमित लोगों की संख्या बहुत तेजी से बढ़ी है। भारत सरकार इस स्थिति पर, कोरोना के फैलाव के इस ट्रैक रिकॉर्ड पर पूरी तरह नजर रखे हुए है.
आज जब बड़े-बड़े और विकसित देशों में हम कोरोना महामारी का व्यापक प्रभाव देख रहे हैं, तो भारत पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा, ये मानना गलत है, इसलिए इस वैश्विक महामारी का मुकाबला करने के लिए दो प्रमुख बातों की आवश्यकता है।
पहला- संकल्प और दूसरा- संयम.
आज 130 करोड़ देशवासियों को अपना संकल्प और दृढ़ करना होगा कि हम इस वैश्विक महामारी को रोकने के लिए एक नागरिक के नाते अपने कर्तव्य का पालन करेंगे, केंद्र सरकार राज्य सरकारों के दिशा निर्देशों का पालन करेंगे.
आज हमें ये संकल्प लेना होगा कि हम स्वयं संक्रमित होने से बचेंगे और दूसरों को भी संक्रमित होने से बचाएंगे। साथियों इस तरह की वैश्विक महामारी में, एक ही मंत्र काम करता है- “हम स्वस्थ तो जग स्वस्थ”..
ऐसी स्थिति में जब इस बीमारी की कोई दवा नहीं है, तो हमारा खुद का स्वस्थ बने रहना बहुत आवश्यक है। इस बीमारी से बचने और खुद के स्वस्थ बने रहने के लिए अनिवार्य है संयम.
इसलिए मेरा सभी देशवासियों से ये आग्रह है कि आने वाले कुछ सप्ताह तक जब बहुत जरूरी हो तभी अपने घर से बाहर निकलें। जितना संभव हो सके, आप अपना काम चाहे बिजनेस से जुड़ा हो, ऑफिस से जुड़ा हो, अपने घर से ही करें.
मेरा एक और आग्रह है कि हमारे परिवार में जो भी सीनियर सिटिजन्स हों, 65 वर्ष की आयु के ऊपर के व्यक्ति हों, वो आने वाले कुछ सप्ताह तक घर से बाहर न निकलें, आज की पीढ़ी इससे बहुत परिचित नहीं होगी, लेकिन पुराने समय में जब युद्ध की स्थिति होती थी, तो गाँव गाँव में Black Out किया जाता था। घरों के शीशों पर कागज़ लगाया जाता था, लाईट बंद कर दी जाती थी, लोग चौकी बनाकर पहरा देते थे,
मैं आज प्रत्येक देशवासी से एक और समर्थन मांग रहा हूं। ये है जनता-कर्फ्यू।
जनता कर्फ्यू यानि जनता के लिए, जनता द्वारा खुद पर लगाया गया कर्फ्यू.
इस रविवार यानि 22 मार्च को सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक, सभी देशवासियों को जनता-कर्फ्यू का पालन करना है.
साथियों,
22 मार्च को हमारा ये प्रयास, हमारे आत्म-संयम, देशहित में कर्तव्य पालन के संकल्प का एक प्रतीक होगा। 22 मार्च को जनता-कर्फ्यू की सफलता, इसके अनुभव, हमें आने वाली चुनौतियों के लिए भी तैयार करेंगे, संभव हो तो हर व्यक्ति प्रतिदिन कम से कम 10 लोगों को फोन करके कोरोना वायरस से बचाव के उपायों के साथ ही जनता-कर्फ्यू के बारे में भी बताए।
साथियों,
ये जनता कर्फ्यू एक प्रकार से हमारे लिए, भारत के लिए एक कसौटी की तरह होगा, ये कोरोना जैसी वैश्विक महामारी के खिलाफ लड़ाई के लिए भारत कितना तैयार है, ये देखने और परखने का भी समय है। आपके इन प्रयासों के बीच, जनता-कर्फ्यू के दिन 22 मार्च को मैं आपसे एक और सहयोग चाहता हूं,
मैं चाहता हूं कि 22 मार्च, रविवार के दिन हम ऐसे सभी लोगों को धन्यवाद अर्पित करें। रविवार को ठीक 5 बजे हम अपने घर के दरवाजे पर खड़े होकर बाल्कनी में, खिड़कियों के सामने खड़े होकर 5 मिनट तक ऐसे लोगों का आभार व्यक्त करें.
पूरे देश के स्थानीय प्रशासन से भी मेरा आग्रह है कि 22 मार्च को 5 बजे सायरन की आवाज से इसकी सूचना लोगों तक पहुंचाएं।
सेवा परमो धर्म के हमारे संस्कारों को मानने वाले ऐसे देशवासियों के लिए हमें पूरी श्रद्धा के साथ अपने भाव व्यक्त करने होंगे – नरेंद्र मोदी